welcom to my blog

welcome to my blog



Wednesday, February 17, 2010

अपने बाजू पे सर रखने कि इजाज़त दे दो

इस दिल को धड़कने कि इजाज़त दे दो

ज़ख्मों के सिलसिलों ने कभी रोने ना दिया

अपने दामन मैं बिलखने कि इजाज़त दे दो

No comments:

Post a Comment